हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर, मैंने प्रसिद्ध हिंदी कवियों के लेखन को प्रस्तुत किया हैं। हिंदी भाषा की महत्ता, गौरव और सुंदरता पर आधारित 20 प्रसिद्ध कविताओं का संकलन है।
ये कविताएं हमारी मातृभाषा हिंदी के प्रति गहरे प्रेम और सम्मान को दर्शाती हैं। 14 सितंबर 1949 को जब हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला, तब से यह दिन हमारे लिए गर्व का दिन बना हुआ है और प्रत्येक वर्ष इसे मनाया जाता है।
हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी पहचान और हमारे अस्तित्व का प्रतीक है। इन कविताओं के माध्यम से हम हिंदी की व्यापकता, उसकी शक्ति और उसके महत्व को समझेंगे। इन हिंदी की प्रमुख कविताओं को शेयर करे।
Table of Contents
Toggleहिंदी भाषा पर 20 प्रसिद्ध कविताएँ
1. हिंदी हमारी राजभाषा
हिंदी हमारी राजभाषा है, इसका सम्मान करें।
यह माँ भारती की बोली है, इसे अपना अभिमान करें।
गंगा-यमुना के तट पर, यह निरंतर बहती आई।
हजारों वर्षों से भारत में, यह संस्कृति सजाती आई।
वेदों, पुराणों की भाषा, गीता का यह ज्ञान है।
तुलसी, सूर, मीरा की वाणी, यही हमारा गुणगान है।
2. हिंदी की गंगा
हिंदी की गंगा बहती जाए, हर दिल में प्रेम जगाती जाए।
उत्तर से दक्षिण तक फैली है, एकता की धारा बहाती जाए।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक, इसकी मधुर तान है।
असमिया हो या तमिल भाषी, सबकी यह पहचान है।
गुजराती हो या बंगाली, सब इसको अपनाते हैं।
हिंदी के इस सागर में, सब अपना प्रेम बहाते हैं।
3. हिंदी का गौरव
हिंदी भाषा का गौरव निराला, जग में इसका तिलक है।
भारत माँ के मस्तक पर, यह सबसे सुंदर तिलक है।
कबीर ने इसमें ज्ञान दिया, तुलसी ने भक्ति जगाई।
रहीम ने प्रेम सिखाया, सूर ने मधुरता लाई।
प्रेमचंद की कहानियों में, जीवन की सच्चाई है।
निराला के गीतों में, क्रांति की परछाई है।
4. मातृभाषा का सम्मान
मातृभाषा का सम्मान करो, इसे हृदय में बसाओ।
हिंदी की मिठास को, जीवन में अपनाओ।
यह भाषा नहीं, भावना है, यह संस्कार की धारा है।
पूर्वजों की अमानत है, यह हमारा सहारा है।
देवनागरी के अक्षरों में, छुपा है ज्ञान अनंत।
हर शब्द में समाया है, भारत का गौरवगान महान।
5. हिंदी हमारी पहचान
हिंदी हमारी पहचान है, यह भारत की शान है।
इसके बिना अधूरे हैं हम, यह हमारा अभिमान है।
गाँव से शहर तक फैली है, इसकी मधुर तान।
बच्चे से बूढ़े तक सभी, करते इसका गुणगान।
व्यापार हो या शिक्षा हो, हर क्षेत्र में इसका योगदान।
हिंदी है तो हम हैं, यही हमारा अस्तित्व और मान।
6. भाषा की शक्ति
भाषा की शक्ति अपरंपार है, विचारों को जो आकार देती।
हिंदी की मधुरता से, हर दिल को खुशी मिलती।
अभिव्यक्ति का साधन है यह, भावनाओं का सागर है।
कला, साहित्य, संगीत में, इसका अनुपम त्यागर है।
वैज्ञानिक चिंतन हो या कविता, सब में यह समान है।
हिंदी भाषा की महिमा, सचमुच अतुलनीय महान है।
7. राष्ट्रभाषा का गर्व
राष्ट्रभाषा का गर्व है हमको, हिंदी पर अभिमान है।
तिरंगे के साथ-साथ, यह भी हमारी शान है।
स्वतंत्रता संग्राम में भी, इसका था अमूल्य योगदान।
गांधी जी ने इसे अपनाया, बनाया इसे सम्मान।
आज भी यह बहती जाती, एकता की धारा बनकर।
भारत की सभी भाषाओं को, जोड़ती सेतु बनकर।
8. हिंदी का विस्तार
हिंदी का विस्तार देखो, दुनिया भर में फैला है।
अमेरिका से इंग्लैंड तक, इसका परचम लहराया है।
यूनिवर्सिटी से ऑफिस तक, हर जगह इसकी मांग है।
बॉलीवुड की फिल्मों से, दुनिया में इसकी छाप है।
इंटरनेट पर हिंदी की, बढ़ती जा रही लोकप्रियता।
डिजिटल इंडिया के साथ, बढ़ रही इसकी महत्ता।
9. हिंदी साहित्य की गंगा
हिंदी साहित्य की गंगा में, कितने मोती हैं छुपे।
भारतेंदु से लेकर आज तक, कितने रत्न हैं जुड़े।
छायावाद की कोमलता, प्रगतिवाद का जोश।
प्रयोगवाद की नवीनता, नई कविता का होश।
कहानी, उपन्यास, नाटक में, जीवन की सच्चाई है।
हिंदी साहित्य के सागर में, अनंत गहराई है।
10. भाषा का प्रेम
भाषा का प्रेम सच्चा प्रेम है, यह दिल से निकलता है।
हिंदी से जुड़ाव हमारा, रोम-रोम में बसता है।
माँ के लोरी के स्वरों में, यही भाषा गूंजती है।
बचपन से बुढ़ापे तक, यही हमारे संग चलती है।
प्रेम हो या वियोग हो, हर भाव को यह कहती है।
हिंदी की इस मधुरता में, आत्मा तृप्त होती है।
11. वैज्ञानिक हिंदी
वैज्ञानिक हिंदी की शक्ति को, आज पहचानना होगा।
तकनीकी शब्दों को हिंदी में, अपनाना और बढ़ाना होगा।
कंप्यूटर, मोबाइल, इंटरनेट, सब में हिंदी का प्रयोग।
विज्ञान की हर खोज को, हिंदी में करना योग।
NASA में भी हिंदी के, वैज्ञानिक काम कर रहे।
अंतरिक्ष से लेकर समुद्र तक, हिंदी का परचम फहरा रहे।
12. हिंदी दिवस का संकल्प
हिंदी दिवस के इस पावन दिन, संकल्प नया लेते हैं।
अपनी भाषा के सम्मान में, कदम आगे बढ़ाते हैं।
घर से ऑफिस तक हिंदी में, बात करने का प्रण लेते हैं।
बच्चों को हिंदी सिखाकर, संस्कार देने का व्रत लेते हैं।
हिंदी को विश्व भाषा बनाने का, सपना आज देखते हैं।
हर भारतीय के दिल में, हिंदी प्रेम को जगाते हैं।
13. हिंदी की मिट्टी
हिंदी की मिट्टी में बसी है, भारत की सुगंध प्यारी।
गाँव-गाँव, शहर-शहर में, फैली इसकी महक न्यारी।
किसान के खेतों से लेकर, मजदूर की फैक्ट्री तक।
व्यापारी के बाजार से, कलाकार की गैलरी तक।
हर जगह हिंदी की गूंज है, हर दिल में इसका प्यार है।
यही भाषा हमारी जड़ है, यही हमारा आधार है।
14. युगों का साक्षी
युगों का साक्षी है हिंदी, इतिहास में इसकी गाथा।
वैदिक काल से आज तक, निरंतर चली आ रही व्यथा।
संस्कृत से प्राकृत होकर, अपभ्रंश से हिंदी बनी।
हजारों वर्षों के संघर्ष से, आज यह भाषा सजी-बनी।
मुगल काल में भी फली-फूली, अंग्रेजी शासन में भी टिकी।
आजादी के बाद राजभाषा, बनकर और भी निखरी।
15. हिंदी का स्वर
हिंदी का स्वर गर्जना है, यह वीरों की आवाज है।
झांसी की रानी के स्वर में, यही भाषा का राज है।
स्वतंत्रता सेनानियों के, नारों में यही गूंजी।
“करो या मरो” के संकल्प में, यही भाषा ऊंची।
आज भी जब देश पर संकट, आता है कोई भारी।
हिंदी में ही गूंजते हैं, नारे वीरों के प्यारे।
16. एकता की भाषा
एकता की भाषा है हिंदी, जोड़ती सब दिलों को।
उत्तर से दक्षिण तक, मिलाती सब रिश्तों को।
धर्म, जाति से ऊपर उठकर, सबको अपनाती है।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, सबको एक बनाती है।
विविधता में एकता की, यही सबसे बड़ी मिसाल।
हिंदी के इस जादू से, जुड़ा है हमारा कल और आज और काल।
17. भविष्य की भाषा
भविष्य की भाषा है हिंदी, इसमें छुपा है बल अपार।
आने वाली पीढ़ियों के लिए, यही होगा आधार।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में, हिंदी का होगा विस्तार।
रोबोट भी हिंदी बोलेंगे, यह होगा नया संसार।
विश्व की तीसरी सबसे बड़ी, भाषा है हिंदी आज।
कल यह होगी पहली, यही है हमारा राज।
18. हिंदी का जादू
हिंदी का जादू सिर चढ़कर बोलता, हर दिल में बसकर डोलता।
इसकी मिठास में डूबकर, हर व्यक्ति मधुर हो जाता।
व्यंग्य हो या हास्य हो, गंभीर हो या हल्की बात।
हिंदी में कहने से लगती, हर बात में मिठास और स्वाद।
भाषा नहीं यह, जादू है, जो दिलों को बांधता है।
हिंदी के इस प्रेम में, हर भारतीय नहाता है।
19. संस्कारों की भाषा
संस्कारों की भाषा है हिंदी, मर्यादा की पाठशाला।
बड़ों का सम्मान सिखाती, छोटों से प्रेम जताती।
“आप” का सम्मान सिखाकर, विनम्रता का पाठ पढ़ाती।
“जी हाँ”, “जी नहीं” कहकर, शिष्टाचार सिखलाती।
इसी भाषा में छुपे हैं, हमारे सारे संस्कार।
हिंदी ही है वह सेतु, जो जोड़े पीढ़ियों के बीच प्यार।
20. हिंदी का भविष्य
हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है, नए आयाम मिलेंगे।
डिजिटल क्रांति के साथ, नए अवसर खुलेंगे।
यूट्यूब से फेसबुक तक, हर प्लेटफॉर्म पर छाई।
गूगल में हिंदी सर्च से, नई दुनिया दिखाई।
स्टार्टअप से मल्टीनेशनल तक, हर जगह इसकी पहुंच।
हिंदी का यह स्वर्णिम काल, लाया है नई खुशबू और सुगंध।
Conclusion (निष्कर्ष)
हिंदी दिवस के इस पावन अवसर पर ये कविताएं हमें याद दिलाती हैं कि हमारी भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह हमारी आत्मा, हमारी पहचान और हमारे गर्व का प्रतीक है। ये कविताएं हिंदी की महानता, उसकी व्यापकता और उसके भविष्य के उज्ज्वल होने का प्रमाण हैं।
हिंदी की विशेषताएं जो इन कविताओं में झलकती हैं-
- एकता की भाषा: हिंदी पूरे भारत को जोड़ने वाली कड़ी है
- संस्कारों की वाहक: यह हमारी संस्कृति और मूल्यों को आगे बढ़ाती है
- साहित्य की समृद्धता: हिंदी में विपुल साहित्य संपदा है
- वैज्ञानिक सोच: आधुनिक युग में वैज्ञानिक विषयों की अभिव्यक्ति में सक्षम
- भविष्य की भाषा: डिजिटल युग में इसकी बढ़ती लोकप्रियता
हिंदी दिवस पर हमारे संकल्प-
- घर में हिंदी का प्रयोग बढ़ाएं
- बच्चों को हिंदी पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करें
- सोशल मीडिया पर हिंदी का उपयोग करें
- हिंदी साहित्य का अध्ययन करें
- व्यावसायिक क्षेत्र में हिंदी को बढ़ावा दें
हिंदी दिवस मनाना केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी भाषा के प्रति निरंतर प्रेम और सम्मान दिखाने का संकल्प है। ये कविताएं हमें प्रेरणा देती हैं कि हम अपनी मातृभाषा को न केवल संरक्षित रखें, बल्कि इसे विश्व पटल पर और भी ऊंचे स्थान तक पहुंचाएं।
जय हिंद! जय हिंदी!
“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय को शूल॥”
– भारतेंदु हरिश्चंद्र
