मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं
यूँ जो तकता है आसमान को तू कोई रहता है आसमान में क्या
बहुत नज़दीक आती जा रही हो बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या
कैसे कहें कि तुझ को भी हम से है वास्ता कोई तू ने तो हम से आज तक कोई गिला नहीं किया
हम को यारों ने याद भी न रखा 'जौन' यारों के यार थे हम तो